Inspirational thoughts of Shahid Bhagat Singh – शहीद भगत सिंह के अनमोल विचार

Inspirational thoughts of Shahid Bhagat Singh – शहीद भगत सिंह के अनमोल विचार – शहीद भगत सिंह को कौन नहीं जानता? क्रांतिकारी भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर वर्ष 1960 को हुआ था. पंजाब प्रांत के जिला लायलपुर के बावली गांव में क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह जन्मे थे. इनके पिता का नाम सरदार किशन सिंह और माता का नाम विद्यावती कौर था.

अपने क्रांतिकारी इरादे और भारत को स्वतंत्रता दिलाने में भगत सिंह की महत्वपूर्ण योगदान रही है. वह आज भी कई सारे लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है. उनके विचार ऐसे थे कि कोई भी व्यक्ति उन्हें सुनकर के आजादी के लिए लड़ने को तैयार हो जाता था. उनके विचारों में देश की आजादी के लिए प्रेम भरा हुआ था. Inspirational thoughts of Shahid Bhagat Singh

तो चलिए, जानते हैं शहीद भगत सिंह के प्रेरणादायक विचारों को, जिन्हें सुनकर आपके मन में भी देशभक्ति की भावना पैदा हो जाएगी. भगत सिंह की जीवनी यहां पर क्लिक करके पढ़ें.

शहीद भगत सिंह के अनमोल विचार
शहीद भगत सिंह के अनमोल विचार

किसी भी इंसान को मारना आसान है, लेकिन उसके विचारों को नहीं। महान साम्राज्य टूट जाते हैं, तबाह हो जाते हैं, जब भी उनके विचार बच जाते हैं।।

देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।।

इंसान तभी कुछ करता है जो वह अपना काम के औचित्य को लेकर के सुनिश्चित होता है, जैसा कि हम विधानसभा में बम फेंकने को लेकर थे।।

मेरा धर्म मेरा देश है और देश की सेवा करना है।।

कानून की पवित्रता तभी बनी रह सकती है, जब तक कि वह लोगों की इच्छा की अभिव्यक्ति करें।।

मैं एक मानव हूं और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है।।

निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार यह क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण है।।

दिल से निकलेगी ना मरकर भी वतन की उल्फत मेरी मिट्टी से भी खुशबू – ए वतन आएगी।।

इंसानों को कुचल कर आप उनके विचारों को नहीं मार सकते हैं।।

मेरा जीवन एक महान लक्ष्य के प्रति समर्पित है – देश की आजादी। दुनिया की अन्य कोई आकर्षित वस्तु मुझे लुभा नहीं सकती।।

भगत सिंह के अनमोल विचार
भगत सिंह के अनमोल विचार
Inspirational thought of Bhagat Singh - भगत सिंह के अनमोल विचार
Inspirational thought of Bhagat Singh
" अगर कोई आपके विकास की राह के बीच रोड़ा बने तो आपको उसकी आलोचना करनी चाहिए और इसे चुनौती देनी चाहिए"
" मेरा धर्म मेरा देश की सेवा करना है''
" बड़े-बड़े साम्राज्य तहस-नहस हो जाते हैं, पर विचारों को कोई ध्वस्त नहीं कर सकता"
" अगर आपको मेरी बातें प्रेरित करते हैं तो बदलाव लाने की हिम्मत करते समय बिल्कुल मत सोचिए"
" जिंदा रहने की हसरत मेरी भी है, पर मैं क्या याद रह कर अपना जीवन नहीं बताना चाहता"
" मर कर भी मेरे दिल से वतन की उल्फत निकलेगी, मेरी मिट्टी से भी वतन की ही खुशबू आएगी"
" मेरे जीवन का केवल एक ही लक्ष्य है और वह है देश की आजादी. इसके अलावा कोई और लक्ष्य मुझे लुभा नहीं सकता"
" मेरे सीने पर जो जख्म है, वह सब फूल के गुच्छे हैं , हमको बादल रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं "
" किसी व्यक्ति की हत्या करना आसान है, पर उनके विचारों की हत्या करना नामुमकिन है"
" आज जो मैं आगाज लिख रहा हूं, उसका अंजाम कल आएगा. मेरे फोन का एक एक कतरा कभी तो इंकलाब लाएगा."
" यदि बहारों को कुछ सुनना है तो हमें अपनी आवाज को धमाकेदार बनाना होग. यह कुछ ऐसे भगत सिंह के अनमोल विचार है जो लोगों में जोड़ दिया करते हैं".
" क्रांति लाना हमारे बस की नहीं, क्रांति तो विशेष परिस्थितियों में अपने आप ही आती है."
" अगर आपने दुश्मन से बहस करनी है और उसे जीतना है तो इसके लिए अभ्यास करना जरूरी है."
" मुसीबत इंसान को पूर्ण बनाने का काम करती है, हर स्थिति में धैर्य बनाकर रखें."
" मैं एक इंसान हूं और मानवता को प्रभावित करने वाली हर चीज स मतलब रखता हूं."
" कोई भी व्यक्ति कोई खास कार्य तभी करता है जब वह उसके औचित्य को सुनिश्चित कर लेता है. जिस तरह से हम ने विधानसभा में बम फेंका था, वह भी एक ऐसा ही कार्य था."
" क्रांतिकारी सोच के दो सबसे जरूरी लक्षण होते हैं विशन निंदा और आजाद सोच."
" कानून में विश्वास और उसकी पवित्रता तब तक बनी रहती है जब तक वह लोगों को सही न्याय दिलाते रहे और उनकी इच्छाओं की अभिव्यक्ति करें."
" सच कहूं तो खुद को बचाने के बारे में मैंने कभी सोचा ही नहीं, मेरे दिमाग में हमेशा एक ही चीज रहती है और वह है इंकलाब".
" मेरा रंग दे बसंती चोला माए रंग दे बसंती चोला " भगत सिंह के इस नारे ने पूरे देश को एकता के रंग में रंग दिया था.
" कोई विद्रोह क्रांति नहीं होता, आखिर में आप का अंत हो सकता है"
" क्रांति केवल हिंसा और तोड़फोड़ नहीं होती"
" मेरी कलम मेरे जज्बातों को इस कदर समझती है कि मैं 'इश्क' लिखने की कोशिश करूं तो ही इंकलाब ही लिख जाता है."
" पागल, प्रेमी और कवि, यह तीनों एक ही मिट्टी के बने होते हैं".
" राख का कण-कण मेरे शरीर की गर्मी में मौजूद है, मैं एक ऐसा पागल हूं जो सलाखों के पीछे भी आजाद है."
" क्रांति के लिए हथियारों की जरूरत नहीं होती, क्रांति की तलवार है तो विचारों की धार पर तेज की जाती है".
" बुराई बढ़ने का कारण बढ़ते हुए बुरे लोग नहीं है, बल्कि इसके लिए वह लोग जिम्मेदार हैं जो चुपचाप बुराई को सहन करते जा रहे हैं."
" स्वतंत्र हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है और अगर कोई इसके बीच रोड़ा बने तो आदमी को क्रांतिकारी बनने का भी अधिकार है."
" मैं खुद भी जीना चाहता हूं और मेरी भी इच्छाएँ है, परदेस के लिए इन सब का त्याग करने को हमेशा तैयार हूं."
" लोग जैसा चल रहा है उसे ही अपनाने को तैयार रहते हैं. बदलाव लाने की सोच मात्र से ही उनके हाथ पैर कांपने लगते हैं. हमें अपनी इसी भावना को बदलना है और क्रांतिकारी बनना है."

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