International Labour Day – अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस क्यों मनाते हैं?

International Labour Day – अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस क्यों मनाते हैं? – हर साल मई के महीने के पहले तारीख को मजदूर दिवस यानी कि 1 मई को मजदूर दिवस पूरी दुनिया भर में मनाया जाता है. इस दिन की खास बात यह है कि इसे पिछले 132 सालों से मनाया जा रहा है. आज के दिन दुनिया भर के मजदूर के अनुचित काम के घंटों को 8 घंटों में बदला गया था.

दोस्तों आज के हमारे इस लेख में हम लोग यह जानेंगे कि – International Labour Day – अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस क्यों मनाते हैं? – इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का इतिहास क्या है.

International Labour Day – अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस क्यों मनाते हैं?

इतिहास के पन्नों को पलट के देखे तो, आज से 132 साल पहले यानी कि 1 मई 1886 में, जब अमेरिका की मजदूर यूनियनों ने काम का समय 8 घंटे से ज्यादा ना रखे जाने के लिए हड़ताल किया था.

इस हड़ताल के दौरान शिकागो की हेमा कोट के बम धमाका भी हुआ था. किसी को नहीं पता? इसके निष्कर्ष के तौर पर पुलिस ने मजदूरों के ऊपर में अंधाधुंध गोली चला दी थी और इस इस अफरातफरी में सात मजदूरों की जान चली गई थी.

भरोसेमंद गवाहों के मद्देनजर पिस्तौल की सभी फ्लैश से गलियों की केंद्र की तरफ से आई थी, वही जहां पुलिस खड़ी थी और भीड़ की तरफ से एक भी फ्लैश नहीं आई थी. इससे यह अंदाजा निकाला गया कि पुलिस वालों द्वारा मजदूरों पर गोली चलाया गया था. एक भी गोलियां मजदूरों की तरफ से नहीं चलाई गई थी. इसके अलावा एक अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक टेलीग्राफ का खंभा गोलियों के साथ विच्छेद से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था. खंबा केवल एक ही तरफ से क्षतिग्रस्त हुआ था इससे भी यह अंदाजा लगाया गया की गोलियां केवल पुलिस वालों ने चलाई थी.

1 मई 1886, दुनिया भर में या दोनों ही घटना एक साथ घटित हुई. लेकिन इसका आंसर नाही अमेरिका पर पड़ा लेकिन कुछ दिन बाद अमरीका में लोगों और मजदूरों के लिए काम करने की अवधि 8 घंटा कर दिया गया. इसी तरह भारत और अन्य देशों में भी मजदूरों के लिए 8 घंटा काम करने से संबंधित कानून लागू है.

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस भारत में मनाए जाने की बात करें, तो पहली बार भारत में इसे 1 मई 1923 को मनाया गया था. जब भारत की लेबर किसान पार्टियों हिंदुस्तान ने चेन्नई में इसकी शुरुआत की थी. मजदूरों को सम्मान और उनका हक दिलाना था. इस मौके पर फैज अहमद फैज की रचनाओं को याद किया गया जाता है. जिसमें उन्होंने मजदूर के हक की बात की थी.

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का इतिहास

1 मई वर्ष 1886, से पहले मजदूरों के लिए काम करने की अवधि कोई निश्चित नहीं थी. तब मजदूर 15 से 16 घंटे तब भी काम करते थे. अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत 1 मई 1886 कोई माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसी दिन से मजदूरों को काम करने की अवधि 8 घंटा कर दी गई थी.

इससे पहले भी मजदूरों द्वारा बिना अवधि के काम कराए जाने के खिलाफ काफी प्रदर्शन और हड़ताल किए जा रहे थे. उनका शोषण किया जा रहा था. शिकागो एक बम ब्लास्ट हुआ था. जिसमें दूसरों के तौर पर मजदूरों को निशाना बनाया गया था. पुलिस द्वारा अंधाधुंध गोली चलाए जाने के कारण 7 मजदूरों की मौत हो गई थी. लेकिन, अनुसंधान में पाया गया कि नहीं सारी गोलियां पुलिस द्वारा चलाई गई थी ना कि मजदूरों द्वारा. इसी के बाद काम करने की अवधि 8 घंटा कर दी गई. इस घटना के बाद हर साल 1 मई 1886 से पूरे विश्व भर में 132 सालों से मई के पहले दिन मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है. स्वामी विवेकानंद के जीवन के बारे में पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें.

भारत में मजदूर दिवस की शुरुआत

भारत में पहली बार दो 1 मई 1923 को मजदूर दिवस मनाया गया था. इसकी शुरुआत लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान के नेता कॉमरेड ‘ सिंगरावेलु चेट्यार’ नहीं की थी. जब उनकी अध्यक्षता में मद्रास हाई कोर्ट के सामने मजदूर दिवस मनाया गया था. जिसके बाद हर साल देशभर में 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है.

1 मई को पूरे देश भर में मजदूर संघ संगोष्ठी आयोजित की जाती है जिसमें मजदूरों की आवाज को बुलंद किया जाता है उनके हक और सम्मान के बारे में बात की जाती है.

भारत समृद्ध 80 से भी ज्यादा देशों में यह दिवस 1 मई को मनाया जाता है. इसे मनाने के पीछे यह तर्क दिया जाता है कि यह दिन अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के तौर पर प्रमाणित हो चुका है.

मजदूर दिवस पर नारा – Slogan on Labour Day in Hindi

ऐसे तो कई सारे अवसर आते हैं जब हम मजदूर दिवस से जुड़े नारा का इस्तेमाल करते हैं. हम यहां पर मजदूर दिवस से संबंधित कुछ प्रमुख और प्रसिद्ध नारों को संग्रहित किया है.

Slogan on Labour Day
मजदूर दिवस पर नारा
  • ” मजदूर को उनका पूरा हक दें, उन्हें सताने वालों को अच्छा सबक दें”.
  • ” मजदूर है वह पर इंसान है, उसके भी हक में सम्मान है”.
  • ” मजदूरों की होती है बस एक इच्छा, अपने परिवार को खुशी और बच्चों को शिक्षा”.
  • ” मजदूर दिवस पर हाथ मिलाए, खुशियां उनके साथ मनाएं.”
  • ” मजदूर जिसे बनाने में अपना चैन सुकून होता है, उस मकान में अमीर बड़े चैन से सोता है”.
  • ” दिन भर मेहनत से ईमानदारी के बीच होता है, इसलिए मजदूर रात में सुकून से सोता है.”
  • ” समाज के हर निर्माण की जरूरत है, मजदूर मेहनत और ईमानदारी की मूरत है.”
  • ” मजदूर नहीं होगा तो मेहनत कौन करेगा, बेरंग दुनिया में रंग कौन भरेगा.”
  • ” चलो यह अभियान चलाए दुनिया भर में, इस बार दिवाली पर दीप जलाए मजदूर के घर में.”
  • ” श्रमिक दिवस मनाओ, श्रमिकों को उनके अधिकार के प्रति जागरूक बनाओ.”
  • ” जब श्रमिक का होगा विकास, तब देश में तरक्की का होगा प्रकाश”.

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