Mother’s Day क्यों मनाया जाता है?

Mother’s Day क्यों मनाया जाता है?, Mothers day Hindi quotes, मातृ दिवस पर अनमोल वचन – हर साल मई महीने की दूसरा रविवार को मदर्स डे के रूप में मनाया जाता है. लेकिन, क्या आपने सोचा है कि हर साल हम मदर्स डे क्यों मनाते हैं? मदर्स डे मनाने के पीछे कौन सी वजह है? इसके पीछे का इतिहास क्या है?

आज के हमारे इस लेख में हम मातृ दिवस या मदर्स डे के इन कारणों के बारे में बात करने वाले हैं. इस वर्ष यानी साल 2021 को मदर्स डे 9 मई को मनाया जा रहा है. दुनिया भर में मदर्स डे के दिन लोग अपनी माता को उपहार एवं मातृत्व बंधन के साथ जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. तो चलिए जानते हैं Mother’s Day क्यों मनाया जाता है?

Mother’s Day क्यों मनाया जाता है?

मातृत्व दिवस या मदर्स डे मनाने के पीछे एक वजह भी है. यह मनाने की परंपरा अमेरिका से शुरू हुई है. इसका मनाने की पीछे की वजह ऐना एम जारविस को दिया जाता है.

ऐना का जन्म अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया में हुआ था. ऐना की माता अन्ना रीस जारविस दो दशकों से भी ज्यादा वहां के गिरजाघर में संडे स्कूल में टीचर हुआ करती थी. एक दिन की बात है, उनकी मां संडे स्कूल में मां पर एक पाठ पढ़ा रही थी. उस समय ऐना की उम्र मात्र 12 वर्ष थी. उनकी मां इस पाठ को पढ़ाते हुए इस बात का जिक्र कर रही थी कि एक दिन आएगा जब की मां और मातृत्व को मनाने के लिए एक दिन समर्पित करेगा.

उस समय तक केवल पुरुषों के लिए एक समर्पित दिन होता था. अर्थात, उस दौरान तक ज्यादातर लोग केवल पित्र दिवस ही मनाया करते थे. माताओं एवं कन्याओं के लिए कोई इस तरह का दिन निर्धारित नहीं किया गया था.

ऐना की मां की मृत्यु और मदर्स डे

जब ऐना की मां की मृत्यु हो गई तो उसके 2 साल बाद में ऐना और उनके दोस्तों ने मिलकर के एक अभियान चलाया था. इस अभियान में उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए, एक दिन समर्पित मातृत्व दिवस के रूप में लोगों से मनाने के लिए आग्रह किया था.

उनके इस अभियान में यह मांग की गई थी कि मदर्स डे को राष्ट्रीय छुट्टी दिया जाए. वह चाहती थी कि जब उनकी मां जिंदा हो तो बच्चे उनका सम्मान करें उनके योगदान की सराहना करें.

ऐना चाहती थी कि, जिस दिन मदर्स डे के तौर पर मनाया जाएगा उस दिन मां और पूरे परिवार का आपस में संबंध मजबूत होगा. 8 मई वर्ष 1914 को अमेरिका के सांसद ने मई के दूसरे रविवार को हर साल मदर्स डे मनाने के लिए घोषित किया. अमेरिका के राष्ट्रपति वूड्रॉ विल्सन ने तुरंत इस दिन राष्ट्रीय अवकाश भी घोषित कर दिया था. उस दिन के बाद उसे वर्ष 1914 से हम लोग हर साल मई के दूसरे रविवार को अंतरराष्ट्रीय मातृत्व या मदर्स डे के रूप में हम मनाते हैं.

मातृत्व दिवस पूरे दुनिया में अलग-अलग दिनों में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है. यहां मई के महीने में दूसरे रविवार को ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत, चीन, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में अधिकांश मनाया जाता है. वही ऐसा भी माना जाता है कि कुछ अरब देशों में मातृत्व दिवस मार्च के महीने में मनाया जाता है.

मदर्स डे कैसे मनाते हैं?

मदर्स डे या मातृत्व दिवस एक पर्व की तरह मनाया जाता है. इस दिन अपने माता को उपहार, ग्रीटिंग कार्ड, केक, सहित अन्य चीजों को मां को भेंट स्वरूप दिया जाता है. हमारी माताओं को अपने प्यार और स्नेह व्यक्त किया जाता है. इस त्यौहार को मनाने के लिए एक विशेष योजना बनाई जाती है.

हमें से ज्यादातर लोग मदर्स डे मनाने के लिए एक ही तरीका का उपयोग हर साल करते हैं. हम अपने माता-पिता ओं को मदर्स डे पर मदर्स डे विश करते हैं. भारत जैसे देश में हम अपने माता के साथ समय बिताने के साथ-साथ उन्हें उपहार स्वरूप कई सारे भेंट भी देते हैं.

हम मदर्स डे पिछले 100 साल से मनाते आ रहे हैं. इस दिन हम अपने माता को विशेष स्थान देते हुए उनका आदर सत्कार करते हैं. हर एक मां अपने बच्चों को बड़ा करने के लिए कड़ी से कड़ी मेहनत करती है. किसी भी सफल व्यक्ति के पीछे, सबसे पहले उसकी मां का ही हाथ होता है. बिना मां के हम एक अच्छा जीवन और महान व्यक्तित्व की कल्पना नहीं कर सकते हैं. एक माही है जो हमारे जीवन को अपने प्यार और स्नेह के साथ इतना सरल और आसान बना देती है.

मदर्स डे पर अनमोल विचार – Mother’s Day Hindi quotes

मदर्स डे
मदर्स डे अनमोल विचार

उसके रहते जीवन में कोई गम नहीं होता,

दुनिया साथ दे ना दे पर मां का प्यार कभी कम नहीं होता।।

तेरी आंचल में निकला बचपन,

तुझसे ही तो जुड़ा है हर धड़कन,

कहने को तो माँ सब कहते हैं, पर मेरे लिए तू है भगवान से बढ़कर।।

” हालातों के आगे जब साथ न जुबा होती है, पहचान लेती है ख़ामोशी में हर दर्द वह सिर्फ मां होती है.”

मदर्स डे
मातृत्व दिवस पर अनमोल विचार
मातृत्व दिवस पर अनमोल विचार
" रुह रिश्ते की या गहराई तो देखिए, चोट लगती है हमें और चिल्लाती है मां,
हम खुशियों में मां को भले ही भूल जाएं जब भी मुसीबत आ जाए तो याद आती है मां"
" हर रिश्ते में मिलावट देखी, कच्चे रंगों की सजावट देखी.
लेकिन सालों साल देखी है मां को उसके चेहरे पर ना कभी थकावट देखी,
ना ममता में कभी मिलावट देखी".

" वह जमीन मेरा वही आसमान है वह खुदा मेरा वही भगवान है,
क्यों मैं जाऊं उसे कहीं छोड़कर मां के कदमों में सारा जहां है".
आंख खोलो तो चेहरा मेरी मां का हो, आंख बंद हो तो सपना मेरी मां का हो, मैं मर भी जाऊं तो भी कोई गम नहीं, लेकिन कफन मिले तो दुपट्टा मेरी मां का हो!!
हे मेरेे मालिक,
तू ने गुल को गुलशन में जगह दी,
पानी को दरिया मे जगह दी,
तू उस शख्सस को जन्नत में जगह देना,
जिसनेे मुझ " नौ" महीने पेट में जगह दी...!!
मां तेरी याद सताती है, मेरे पास आ जाओ
थक गया हूंं मैं मुझेे अपने आंचल मेंं सुलाओ,
उंगलियां फेर कर बालों में मेरे,
एक बार फिर से बचपन की लोरियांं सुनाओ
कौन सी है वह चीज जो इस जहां में नहीं मिलती,
सब कुछ मिल जाता हैैै लेकिन मां नहीं मिलती.....
मां-बाप ऐसे होते हैं, दोस्त जो जिंदगी मेंं फिर नहीं मिलते,
खुश रखा करो उनको फिर देखो जन्नत कहा नहीं मिलती.
मां की एक दुआ जिंदगी बना देगी,
खुद रोएगी मगर तुम्हें हंसा देगी.....
कभी भूल कर भी ना मां को रुलाना,
एक छोटी सी गलती पूरा अर्श हिला देगी...।।

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