पर्सनल कंप्यूटर क्या होता है? – What is Personal Computer

पर्सनल कंप्यूटर क्या होता है? – What is Personal Computer अगर आप उन सारे लोगों में है जो पर्सनल कंप्यूटर क्या है? पर्सनल कंप्यूटर में कौन-कौन से पार्ट्स होते हैं? इन सारे सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो आज हम अपने इस लेख में इन सारे सवालों का जवाब देने वाले हैं.

पर्सनल कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर का एक रूप होता है. इसको साधारण बोलचाल की भाषा में हम पर्सनल कंप्यूटर (Personal computer) या PC भी कहते हैं. आधुनिकतम तकनीकी के मांग के चलते इस तरह के कंप्यूटर का निर्माण किया गया है. तो चलिए जानते हैं कि पर्सनल कंप्यूटर क्या होता है? – What is Personal Computer.

पर्सनल कंप्यूटर क्या होता है? – What is Personal Computer

पर्सनल कंप्यूटर को अन्य भाषा में माइक्रोकंप्यूटर भी कहा जाता है. इसकी यह वजह भी है क्योंकि, पहले जमाने में बनाए जाने वाले कंप्यूटर का आकार काफी बड़ा हुआ करता था. लेकिन व्यक्तिगत और उन लोगों की मांग को देखते हुए इस कंप्यूटर के आकार को छोटा किया गया. इस चलते हम इसे माइक्रोकंप्यूटर भी कहते हैं.

पहले बनाए जाने वाले कंप्यूटर का आकार बड़ा होने के साथ-साथ इनकी कीमतें भी काफी ज्यादा हुआ करती थी. इस वजह से यह साधारण उपयोगकर्ता की पहुंच से बाहर थी. इसी को ध्यान में रखते हुए इस तरह के कंप्यूटरों का निर्माण किया गया था. समय के साथ-साथ कंप्यूटर के आकार में कमी की गई और इसकी ताकत को भी बढ़ाया गया, नई तकनीकी आने से इसमें कई सारे सुधार किए गए. और इसे एक साधारण उपयोगकर्ता के लायक बनाया गया.

वर्ष 1970 के आसपास माइक्रोप्रोसेसर बनाया गया था. जिसके बाद माइक्रो कंप्यूटर का जन्म हुआ. इस तरह के कंप्यूटर आकार में बहुत छोटे थे. लेकिन, इनकी पत्नी की शक्ति काफी ज्यादा थी. इनकी कीमत भी ऐसी थी की मध्यम श्रेणी की कंपनियां भी इन्हें खरीद सकती थी. तभी वैज्ञानिकों के बीच में यह विचार पैदा हुआ कि ऐसा कंप्यूटर बनाया जाए जोकि आम इंसान की पहुंच के अंदर हो.

किसी भी कंप्यूटर को चलाने के लिए किसी तकनीशियन या विशेषज्ञ के निर्देश की आवश्यकता नहीं होती बल्कि आप इसे कमांड (command) देकर नियंत्रित करते हो. इस चलते आप आसानी से इस तरह के कंप्यूटर को नियंत्रित कर सकते हो.

पर्सनल कंप्यूटर में तकनीकी विकास

दुनिया की सबसे बड़ी कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी आईबीएम (IBM – International Business Machine) ने वर्ष 1980 में अपना पर्सनल कंप्यूटर बनाने की घोषणा की थी. इसके बाद इन्होंने इस कंप्यूटर को पीसी नाम दिया था. पीसी यानी कि (PC – Personal computer) इस तरह के कंप्यूटर की शक्ति एवं क्षमता उस समय काफी कम थी. वास्तव में देखा जाए तो इस तरह के कंप्यूटर का विकास उस दौरान केवल शौकीनों के लिए किया गया था.

यह कार में इतना छोटा था कि इमेज के एक कोने पर भी नहीं रखा जा सकता था. परंतु यार इतना पसंद किया गया कि सभी कंपनी पीसी बनाने के लिए दौड़ पड़ी. इसके साथ ही इसकी ताकत और क्षमताओं को विकसित करने के पीछे भी कई सारे शोध भी किए गए. इन शोध और अनुसंधान का ही नतीजा था कि उस दौरान PC -XT, PC-AT जैसे थोड़े कुछ तकनीकी वाले कंप्यूटर बनाए गए थे.

इस तरह के कंप्यूटर उस दौरान MS-DOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित थे. ऑपरेटिंग सिस्टम को और भी बेहतर बनाने के लिए उपयोग करता को सहूलियत देने के लिए. विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास किया गया. जैसे-जैसे विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को और अधिक तकनीकी विकास किया गया वैसे वैसे इसकी क्षमताएं भी बढ़ती चली गई.

इसके बाद पेंटियम नाम से पर्सनल कंप्यूटर बाजार में उतारे गए जो कि आजकल काफी ज्यादा प्रचलित भी है. आजकल पर्सनल कंप्यूटर इतने ज्यादा लोकप्रिय हैं कि पुराने बड़े आकार के कंप्यूटर केवल उंगलियों पर गिने लाइक ही बचे हैं.

वर्तमान समय में बनाए जाने वाले पेंटीअम कंप्यूटर्स की शक्ति बड़े कंप्यूटर की शक्ति से टक्कर लेती है. हालांकि इन कंप्यूटर्स की कीमत सुपर कंप्यूटर की तुलना में काफी कम है. इस तरह के कंप्यूटर की काम करने की गति और प्रोसेसिंग काफी अधिक है.

आजकल जितने भी पर्सनल कंप्यूटर है उनमें पुराने बड़े आकार के कंप्यूटर केवल उंगलियों पर गिनने लायक ही रह गया है. लेकिन PC-AT और पेंटीअम में लगाए जाने वाला प्रोसेसर 1632 और 64 बिट के होते थे. इनकी काम करने की क्षमता बहुत अधिक होती है. केवल पेंटीअम श्रेणी के पीसी अधिक प्रचलन में आजकल इस्तेमाल हो रहे हैं. इनकी गति बहुत अधिक होती है.

IBM-PC द्वारा बनाया गया पीसी

आईबीएम द्वारा सबसे पहले पर्सनल कंप्यूटर बनाने की शुरुआत की गई थी. आजकल बाजार में ऐसे कई सारी कंपनियां मौजूद है जो पर्सनल कंप्यूटर बना रही है. लेकिन, उनके सभी पीसी आईबीएम पीसी कंपैटिबल है. इसका अर्थ यह है कि यह पीसी आकार संरचना, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की क्षमता आईबीएम की पीसी जैसी ही होती है.

इस तरह के पर्सनल कंप्यूटर में किसी भी तरह का सॉफ्टवेयर चलाया जा सकता है. जो कि आईबीएम की पीसी पर आप आसानी से चला सकते हैं. आईबीएम के पास पीसी के सॉफ्टवेयर का बहुत बड़ा भंडारण है. उसी सॉफ्टवेयर का लाभ उठाने के लिए सभी कंपनी अपनी पीसी आईबीएम पीसी जैसी ही बनाती है.

पर्सनल कंप्यूटर की पीढ़ियां

शुरुआत से लेकर के अभी तक पर्सनल कंप्यूटर में कई सारे सुधार एवं संशोधन किए जा चुके हैं. इस वजह से इन पर्सनल कंप्यूटर को कई सारी पीढ़ियों में भी बांटा गया है. इनकी क्षमता और कार्य करने की पद्धति के आधार पर इन्हें वर्गीकृत किया जा सकता है.

  • PC-XCT (PERSONAL COMPUTER EXTENDED TECHNOLOGY)
  • Pc-AT (Personal computer advanced technology)
  • Pentium 1
  • Pentium 2
  • Pentium 3
  • Pentium 4 etc.

इन सभी पर्सनल कंप्यूटर में अंतर इन के प्रोसेसर और भंडारण करने की क्षमता का होता है. पर्सनल कंप्यूटर के अंदर लगाए जाने वाला माइक्रोचिप प्रोसेसर इंटेल 8086 (Intel 8086). आईबीएम ने अपनी शुरुआती कंप्यूटर पर इंटेल 8086 माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया था. बाद में सभी कंप्यूटर पर इसी प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जाने लगा.

कंप्यूटर के मुख्य भाग (Main parts of Personal computer)

कोई भी पर्सनल कंप्यूटर किसी भी प्रकार का क्यों ना हो. उसमें वही सारे पार्ट्स लगाए जाते हैं जो किसी पर्सनल कंप्यूटर में होते हैं. जिसे पूरा पर्सनल कंप्यूटर बनता है. किसी कंप्यूटर के मुख्य भागों को उसका सिस्टम कंफीग्रेशन (system configuration) कहा जाता है.

पर्सनल कंप्यूटर के मुख्य भाग

  1. सिस्टम यूनिट (SYSTEM UNIT)
  2. मदरबोर्ड (MOTHERBOARD)
  3. मॉनिटर (MONITOR)
  4. कीबोर्ड (KEYBOARD)
  5. फ्लॉपी ड्राइव (FLOPPY DRIVE)
  6. हार्ड डिस्क (HARD DISK)
  7. माउस (MOUSE)
  8. सीडी रोम ड्राइव (CD ROM DRIVE)

इनके अलावा भी पर्सनल कंप्यूटर में अन्य सिस्टम भी लगाए जाते हैं. जिन्हें उपयोगकर्ता अपने आवश्यकता अनुसार इस्तेमाल करता है.

  1. जॉय स्टिक (JOYSTICK)
  2. स्कैनर (SCANNER)
  3. स्पीकर (SPEAKER)
  4. माइक (MICROPHONE)
  5. सीडी राइटर (CD WRITER)

पर्सनल कंप्यूटर सिस्टम यूनिट (System Unit)

किसी भी पर्सनल कंप्यूटर का सिस्टम यूनिट मुख्य भाग होता है. किसी भी कंप्यूटर में होने वाले सभी काम इसी भाग के द्वारा संपादित किए जाते हैं. यह प्रोग्राम और सॉफ्टवेयर को चलाने की गारंटी देता है.

पर्सनल कंप्यूटर से जुड़े बाकी सभी पार्ट्स सिस्टम यूनिट से ही जुड़े हुए होते हैं. यह एक बॉक्स के आकार का होता है जिसने पर्सनल कंप्यूटर के मदरबोर्ड सहित सभी काम करने वाले सुरक्षित रहते हैं. सिस्टम यूनिट या सीपीयू (Central Processing Unit) के नाम से भी जाना जाता है.

सिस्टम यूनिट में क्या-क्या होता है? :- किसी भी सिस्टम यूनिट में बहुत सारे पार्ट्स होते हैं. जोकि कंप्यूटर को चलाने, उसे कंट्रोल करने बे सहायता प्रदान करती है. इसमें मुख्यता निम्नलिखित भाग होते हैं

  • पावर स्विच (POWER SWITCHING)
  • रिसेट बटन (Reset Button)
  • फ्लॉपी डिस्क ड्राइव (floppy disk drive)
  • सीडी रोम ड्राइव (CD ROM drive)

पर्सनल कंप्यूटर में मदरबोर्ड क्या होता है?

पर्सनल कंप्यूटर में मदरबोर्ड भी एक मुख्य भाग होता है. मदरबोर्ड को अगर हम इलेक्ट्रॉनिक सर्किट का जाल कहेंगे तो गलत नहीं होगा. यह सिस्टम यूनिट मे सिस्टम बोर्ड का कार्य करता है. इसमें किसी भी कंप्यूटर के लिए सहारे कलपुर्जे लगाए हुए होते हैं.

मदरबोर्ड में निम्नलिखित भाग होते हैं :-

  • माइक्रो प्रोसेसर सीपीयू (Microprocessor or Central Processing Unit)
  • रैम (Random access memory)
  • रोम चिप (ROM chip)
  • कोप्रोसेसर (core processor)
  • पावर सप्लाई बॉक्स (power supply box)
  • डिस्क ड्राइव (disk drive)
  • आउटपुट एडेप्टर (output adaptor)
  • स्पीकर (speaker)
  • टाइमर (timer)

Monitor, keyboard and Mouse

मॉनिटर (Monitor) :- मॉनिटर एक तरह का आउटपुट डिवाइस होता है. इसे विजुअल डिस्प्ले यूनिट भी कहा जाता है. यह देखने में किसी टीवी की तरह दिखता है. इसके बिना कोई भी कंप्यूटर अधूरा है. हम जो कुछ भी कंप्यूटर को कमांड देते हैं, इसके फलस्वरूप परिणामों को कंप्यूटर मॉनिटर पर प्रदर्शित करता है.

कीबोर्ड (keyboard):- कीबोर्ड किसी भी पर्सनल कंप्यूटर में डाटा को कंप्यूटर में डालने, कंप्यूटर को नियंत्रित करने, कंप्यूटर पर कमांड डालने में सहायता करता है. कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस होती है. कीबोर्ड में हम बटन या कुंजी को दबा कर के कंप्यूटर को आज्ञा देते हैं.

माउस (Mouse) :- माउस भी एक तरह का इनपुट डिवाइस होता है. स्क्रीन पर दिखाए जाने वाले प्रोग्राम फाइल, डाटा को फिल्टर करना, उसे सेलेक्ट करना और कंप्यूटर को एक निश्चित आदेश देने के लिए माउस का इस्तेमाल किया जाता है.

किसी भी पर्सनल कंप्यूटर में यह सारे मुख्य पार्ट्स होते हैं. इन्हीं पार्ट की सहायता से हम कंप्यूटर को चलाने एवं उसे कंट्रोल करने में मदद करती है. कंप्यूटर संबंधित अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए आप नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

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