Sundar Pichai Biography – सुंदर पिचाई की जीवनी

Sundar Pichai Biography – सुंदर पिचाई की जीवनी – इनका नाम तो आपने जरूर सुना होगा. गूगल ने 10 अगस्त 2015 को पूरी दुनिया को अचंभे में डाल दिया था उसने अपनी कंपनी का CEO सुंदर पिचाई को घोषित किया था. गूगल द्वारा किसी भी भारतीयों को अपना CEO नियुक्त करना, हम भारतीयों के लिए काफी गर्व की बात थी. एक भारतीय व्यक्ति को दुनिया के सबसे बड़ी कंपनी Google के CEO के रूप में चुना जाना था.

इनकी यह कहानी, Google के CEO तक बने के लिए सुंदर पिचाई को लंबी संघर्ष और मेहनत करनी पड़ी थी. इनका जीवन कई सारे लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत है. गूगल में सुंदर पिचाई एक प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में कार्यरत थे. एक प्रोडक्ट मैनेजर से गूगल के सीईओ के पद तक इनका पहुंचने की कहानी कई सारी लोगों को प्रेरणा देती है. सुंदर पिचाई इस कामयाबी के पीछे कितनी मेहनत और संघर्ष है. यह जानने के लिए आप आज का हमारा यह लेख पढ़ सकते हैं. आज की हमारी इस लेख में हमने Sundar Pichai Biography – सुंदर पिचाई की जीवनी के बारे में जानकारी साझा की है.

Sundar Pichai Biography – सुंदर पिचाई की जीवनी

सुंदर पिचाई एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. जो वर्तमान समय में गूगल के सीईओ (CEO) चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में कार्य कर रहे हैं. भारत में जन्मे पिचाई 1 दशक से अधिक समय से इस कंपनी से जुड़े हुए हैं और इस कंपनी के साथ जोड़कर उन्होंने कई सारी उपलब्धियां प्राप्त की है. साथ ही में उन्होंने इस कंपनी को अपना कई सारा योगदान भी दिया है.

सुंदर पिचाई का जन्म 12 जुलाई, वर्ष 1972 को हुआ था. इनके पिता का नाम रघुनाथ पिचाई और माता का नाम लक्ष्मी पिटाई है. इनका जन्म मदुराई, तमिलनाडु भारत में हुआ है. इनके पिता रघुनाथ पर चाहे एक विद्युत इंजीनियर है और इसी राज्य में इनका शुरुआती जीवन बीता है. इनकी मां बतौर स्टेनोग्राफर के तौर पर कार्य करती थी. इन्होंने अंजली नाम की एक लड़की से विवाह किया और इनके कुल 2 बच्चे हैं.

सुंदर पिचाई का संक्षिप्त जीवन परिचय

सुंदर पिचाई का संक्षिप्त जीवन परिचय - Short Biography of Sundar Pichai
पूरा नाम - पिचाई सुंदरराजन
वर्तमान में नागरिकता - संयुक्त राज्य अमेरिका
गृह नगर - भारत, मदुरई तमिल नाडु
सुंदर पिचाई ने अपनी आरंभिक शिक्षा भारत में ही पूरी की है. इन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से इंजीनियरिंग की है. उसके अलावा इन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल की है.
धर्म - हिंदू धर्म, भारत में पहले बड़े होने के कारण इन्हें हिंदी और अपनी मातृभाषा दोनों ही आती है.
वर्तमान समय में सुंदर पिचाई गूगल के सीईओ और कंप्यूटर इंजीनियर है.
सुंदर पिचाई की कुल संपत्ति अमेरिकी डॉलर में $1.2 अरब है.
सुंदर पिचाई का जन्म 12 जुलाई वर्ष 1972 को मदुरै, तमिलनाडु भारत में हुआ था. इनके पिता का नाम रघुनाथ पिचाई है. जो कि एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे. इनकी माता का नाम लक्ष्मी पिचाई है. जो कि एक कंपनी में स्टेनोग्राफर का कार्य करती थी.
सुंदर पिचाई की शारीरिक रचना की बात करें तो इनकी लंबाई 5 फुट 11 इंच और वजन 66 किलो है. सुंदर पिचाई कर्क राशि के है.
सुंदर पिचाई की पत्नी का नाम अंजली पिचाई है. इनके दो बच्चे भी हैं जिनका नाम किरण पिचाई और काव्या पिचाई है.

सुंदर पिचाई की शिक्षा

भारत में जन्मे सुंदर पिचाई ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भारत में ही की है. इन्होंने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई जवाहर विद्यालय से पूरी की है. जबकि अपनी 12वीं कक्षा की पढ़ाई इन्होंने वाना वाली स्कूल से हासिल की है. इसके बाद सुंदर पिचाई मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग विषय में डिग्री भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़कपुर से प्राप्त की है.

अपनी आगे की डिग्री हासिल करने के लिए यह अमेरिका चले गए थे और यहां जाकर के इन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था यहीं से इन्होंने भौतिक विज्ञान और इंजीनियरिंग के विषय में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री प्राप्त की थी. इसके अलावा इन्होंने पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई भी कर रखी है.

सुंदर पिचाई का आरंभिक जीवन

सुंदर पिचाई का जन्म मदुरई तमिलनाडु भारत में हुआ है. बचपन से ही सुंदर पिचाई काफी होनहार छात्र रहे हैं. सुंदर पिचाई कोड नंबर काफी जल्दी से याद हो जाता है और इसलिए एक बात जो फोन नंबर डायल करते हैं वह इन्हें एकदम से याद रहता है.

इनकी काबिलियत को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट जैसी बहुराष्ट्रीय दिग्गज कंपनी ने इन्हें नौकरी देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन इन्होंने गूगल के साथ ही बने रहने का फैसला लिया और इनका प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. सुंदर पिचाई भारत के एक साधारण परिवार से नाता रखते हैं और उनके बचपन के दिनों में इनके घर में ना ही टीवी हुआ करता था और ना ही गाड़ी हुआ करती थी.

सुंदर पिचाई की प्रारंभिक शिक्षा तमिलनाडु के मदुरै शहर में हुआ था. किसी राज्य में इनके पिता एक विद्युत इंजीनियर के रूप में कार्य थे और उनकी माता बतौर स्टेनोग्राफर काम करती थी. सुंदर पिचाई का बचपन का जीवन अशोक नगर इलाके में बीता है. 4 लोगों का उनका परिवार वहां दो कमरों के एक छोटे से मकान में रहा करता था.

इनके पिता की आय भी सीमित थी जिसके कारण उनका जीवन स्तर साधारण था. टीवी, प्रकार जैसे आसाराम के साधन उनके पास उपलब्ध नहीं थे. उनके पिता सुख-सुविधाओं के साधनों से अधिक अपने बच्चों की शिक्षा पर बल दिया करते थे.

जब सुंदर पिचाई मात्र 12 वर्ष के थे तब उनके पिता ने पहला डायलर फोन अपने घर पर लगवाया था. क्या पहली टेक्नोलॉजी से संबंधित वस्तु थी, जो सुंदर पिचाई नए अपने घर पर देखी थी. घर पर फोन लगने के बाद सुंदर को खुद की एक विलक्षण प्रतिभा के बारे में पता चला. वे जो भी नंबर डायल करते वह उनके दिमाग में छप जाता था. वह उस नंबर को कभी नहीं भूलते थे आज भी कई वर्ष पुराने नंबर उन्हें याद है.

सुंदर पिचाई शांत स्वभाव के होनहार छात्र थे. पढ़ाई के अतिरिक्त उनकी खेलों में भी रूचि थी. अपने स्कूल के क्रिकेट टीम के कप्तान भी थे. दसवीं की कक्षा तक उन्होंने चेन्नई के अशोक नगर स्थित में जवाहर विद्यालय से पढ़ाई की और उसके बाद 12वीं की पढ़ाई इसके बाद आईआईटी खड़कपुर स्थित वाना बिना स्कूल से की है.

अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान सुंदर पिचाई अपने बैच के टॉप छात्रों में रहे हैं. वर्ष 1993 में उन्होंने फाइनल परीक्षा में अपने बैच में टॉप किया और रजत पदक हासिल किया था. आईटी खड़कपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद सुंदर पिचाई स्कॉलरशिप पर अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ने चले गए थे. यहां से सुंदर पसंद है मैट्रियल साइंस और इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस किया. इसके बाद इन्होंने पेंसिल पिया विश्वविद्यालय से एंपियर में डिग्री प्राप्त की. एमबीए करने के बाद उन्होंने अप्लाइड मैटेरियल्स और इंजीनियरिंग का कार्य किया.

सुंदर पिचाई और गूगल में इनका कैरियर

वर्ष 2004 ,1 अप्रैल सुंदर पिचाई गूगल (Google) मे अपना इंटरव्यू देने गए. उसी दिन कंपनी ने जीमेल का टेस्टिंग वर्जन लांच किया था. इंटरव्यूअर ने उनसे इन जीमेल संबंधित कई प्रश्न पूछे थे. लेकिन सुंदर पिचाई उनका सही सही उत्तर नहीं दे पाए थे.

उस दौरान उन्हें ऐसा लगा कि इंटरव्यूवर उनसे अप्रैल फूल का मजा कर रहे हैं. लेकिन जब उन्हें जीमेल का यूज़ करने के लिए कहा गया तब कहीं वह अपने विचार खुलकर उनके सामने रख सके. उनके विचारों से इंटरव्यूवर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत जॉब पर रख लिया था. गूगल पर उनकी प्रारंभिक जिम्मेदारी गूगल टूल बार और सर्च से संबंधित थी. सुंदर पिचाई ने जब गूगल में काम करना आरंभ किया था उस समय गूगल टूल बार और सर्च इंजन माइक्रोसॉफ्ट इंटरनेट एक्सप्लॉरर डिफॉल्ट ऑप्शन हुआ करता था.

एक दिन सुंदर पिचाई को या विचार आया कि गूगल का अपना खुद का एक Web Browser होना चाहिए क्योंकि यदि किसी दिन माइक्रोसॉफ्ट ने अपना खुद का सर्च इंजन बना लिया तो उस दिन से इंटरनेट एक्सप्लॉरर में डिफॉल्ट ऑप्शन सेट कर दे दिया, तो गूगल (Google) वहां से परमानेंटली हटा दिया जाएगा. यह बात उन्होंने CEO Eric Schmidt के पास रखा. लेकिन उस समय इसे महंगा प्रोजेक्ट करार दे करके इसे अप्रूव करने से मना कर दिया था. लेकिन सुंदर पिचाई अपनी इस बात पर अड़े रहे और गूगल केसर निर्माता लोरी पेज और सर्गी ब्रिन से राज्य करवा लिया. वर्ष 2006 में Google Chrome का प्रोजेक्ट अप्रूव करवा लिया.

सुंदर पिचाई की शंका ठीक 6 महीने बाद सच साबित हुई और माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल को हटाकर के Bing को अपना डिफॉल्ट सर्च इंजन सेट कर दिया था. गूगल को प्रतिदिन इंटरनेट के जरिए लाखों का ट्राफिक मिलता था और प्रतिदिन लाखों की कमाई होती थी. यह गूगल के लिए एक बहुत बड़ा झटका था.

लेकिन सुंदर पिचाई ने इस स्थिति को पहले से ही भाप लिया था. इसलिए अपनी टीम के साथ मिलकर के 24 घंटों में उन्होंने इंटरनेट एक्सप्लोरर का लू पोल खोज निकाला. जिसके कारण दिन पर जो लोग मुंह हुआ करते थे उनके सामने एक पॉपअपविंडो में गूगल को फिर से अपना डिफॉल्ट सर्च इंजन सेट करने का ऑप्शन आने लगा.

इस तरह उन्होंने गूगल के 60% यूजर को वापस रिटर्न कर लिया था. यूज़र को वापस रिटर्न करने के बाद माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा मिले इस झटके के बाद गूगल ने स्ट्रैटेजिक मूव लेते हुए एचपी और सभी बड़े कंप्यूटर डिस्ट्रीब्यूटर से या डील साइन कर लिया कि वह पीसी पर गूगल टूल बार और उसकी सर्च इंजन से संबंधित ऑप्शन डिफॉल्ट दिए जाएंगे. सुंदर पिचाई की दूरदर्शिता ने गूगल को एक बड़े नुकसान से बचा लिया था. उनकी कार्यशैली और प्रतिभा को देखते हुए गूगल ने उन्हें सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर प्रमोट किया था.

जब वर्ष 2008 में, Google Chrome को लांच किया गया तो यह गूगल कि उस समय तक की सबसे बड़ी सफलता साबित हुई थी. आज गूगल क्रोम विश्व में सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला वेब ब्राउज़र है.

Google Chrome की सफलता के बाद पिचाई को वर्ष 2008 में वाइस प्रेसिडेंट ऑफ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट बना दिया गया. वर्ष 2012 में उन्हें गूगल आप और Chrome का वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया गया. वर्ष 2013 में एंड्रॉयड बनाने वाली ऐंडी रूबीन के द्वारा यह प्रोजेक्ट छोड़ देने के बाद सुंदर पिचाई ने इसकी कमान भी संभाली और अपना उत्कृष्ट योगदान दिया.

आज जैसे कंप्यूटर सिस्टम में ऑपरेटिंग सिस्टम का सबसे बड़ा हिस्सा Microsoft Windows के पास है वैसे ही आज के तारीख में पर्सनल फोन में Android OS का सबसे बड़ा हिस्सा गूगल के पास में है. इस सफलता के पीछे सुंदर पिचाई के कुशल नेतृत्व का हाथ था.

उनकी योगिता को देखते हुए वर्ष 2014 में उन्हें गूगल के सभी प्रोडक्ट का Overall heads बना दिया गया. इसके अंतर्गत Google Search, Google Maps, Google Commerce, और Google Ads जैसे सभी प्रोडक्ट शामिल है.

गूगल की सफलता का बहुत बड़ा श्रेय गूगल में लगातार हो रही नई नई इनोवेशन को जाता है और इन इनोवेशन के पीछे जो नेतृत्व है वह सुंदर पिचाई. उनकी उपलब्धि को देखते हुए गूगल है उन्हें 10 अगस्त 2015 को कंपनी का CEO घोषित कर दिया. इसके साथ ही सुंदर पिचाई भारतीय मूल के उन लोगों में शामिल हो गए जो 400 अरब डॉलर कंपनी में काम करने वाले शीर्ष अधिकारी हैं. आज उनकी सालाना आय 335 करोड रुपए है.

गूगल जैसी कंपनी जहां आज नौकरी पा लेना ही बहुत बड़ी बात होती है उस कंपनी में एक भारतीय मूल के व्यक्ति का सर्वोच्च स्थान पर पहुंचना हम सभी भारतीयों के लिए गर्व की बात है.

सुंदर पिचाई के साथ जुड़े विवाद

कर्मचारी को निकालने का विवाद :- सुंदर पिचाई काफी साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति हैं और इनके साथ किसी भी तरह का विवाद नहीं जुड़ा हुआ है. लेकिन वर्ष 2018 में इन्होंने अपनी कंपनी से जेम्स डेमोर को उनके द्वारा लिखे गए एक मेमो के चलते बाहर निकाल दिया था. इस मेमो में जेंट्स ने लिखा था कि गूगल कंपनी महिला को कम मौका देती है और इस कंपनी में काफी कम संख्या में महिला काम कर रही है. वही गेम्स को निकालने के बाद सुंदर पिचाई ने अपनी सफाई देते हुए कहा था कि जेम्स को कंपनी से बाहर निकालने का फैसला सही था.

[su_box title=” सुंदर पिचाई से जुड़ी रोचक जानकारी ” style=”default” box_color=”#008000″ title_color=”#FFFFFF” radius=”3″ class=”” id=””]● वर्ष 2011 में सुंदर पिचाई ने ट्विटर कंपनी को ज्वाइन करने का फैसला कर लिया था, लेकिन गूगल कंपनी ने इन्हें अधिक पैसे देकर ट्विटर कंपनी में जाने से रोक लिया था. ● सुंदर पिचाई और उनकी पत्नी एक साथ ही आईआईटी कॉलेज में पढ़ाई किया करते थे और इसी दौरान इन्होंने एक दूसरे को डेट करना शुरू किया था. इनकी पत्नी का नाम अंजली है.● समय-समय पर सुंदर पिचाई अपने कॉलेज, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर के छात्रों के साथ स्काइप के जरिए बातें करते हैं और इनके साथ अपने अनुभव को साझा करते हैं. [/su_box]

सुंदर पिचाई की कुल संपत्ति

वर्ष 2016 में, इन्हें गूगल की होल्डिंग कंपनी अल्फाबेट के दो लाख 73 हजार शेयरों से सम्मानित किया गया था. जिसके साथ ही इनकी कुल संपत्ति में काफी वृद्धि हो गई थी. वहीं वर्ष 2016 में उन्होंने गूगल कंपनी को अपनी सेवा दे कर के 1280 करोड़ रुपए कमाए थे. जबकि साल 2015 में इन्हें जब उत्पाद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर प्रमोट किया गया था तो इन्हें मुआवजे के तौर पर ₹600 मिले थे. गूगल की रिपोर्ट की माने तो उनका Net Worth 600 मिलियन डॉलर यानी 43,200 करोड़ रुपए है.

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