What is Hard disk – हार्ड डिस्क क्या होता है?

What is Hard disk – हार्ड डिस्क क्या होता है? हार्ड डिस्क को हार्ड डिस्क ड्राइव भी कहा जाता है. यह एक नन वॉलटाइल मेमोरी (non volatile memory) हार्डवेयर डिवाइस होती है. हार्ड डिस्क को एक स्टोरेज डिवाइस के रूप में भी जाना जाता है.

किसी भी कंप्यूटर में हार्ड डिस्क जानकारी एवं डाटा को संरक्षित (Store) करने की सुविधा देता है. हार्ड डिस्क पर किसी भी जानकारी को स्थाई रूप से (permanently) सुरक्षित रखा जा सकता है. तथा इस जानकारी को दोबारा प्राप्त भी किया जा सकता है. आज के हमारे इस लेख में हम जानेंगे कि What is Hard disk – हार्ड डिस्क क्या होता है?

What is Hard disk – हार्ड डिस्क क्या होता है?

हार्ड डिस्क (Hard disk) को हार्ड डिस्क ड्राइव (Hard disk drive) भी कहा जाता है. यह एक तरह की नॉन वोलेटाइल (non volatile) मेमोरी हार्डवेयर डिवाइस होती है.

किसी भी कंप्यूटर में हार्ड डिस्क का कार्य उसमें मौजूद जानकारी एवं डाटा को संरक्षित करना होता है. हार्ड डिस्क में यह जानकारी एवं डाटा स्थाई रूप से भंडारण एवं संरक्षित किया जा सकता है. इस जानकारी को यहां से दोबारा प्राप्त भी किया जा सकता है. लंबे समय के लिए हार्ड डिक्स में किसी भी जानकारी एवं डाटा को स्टोर करके रखा जा सकता है.

अन्य मेमोरी उपकरण की तरह डिवाइस को switch off करने के बाद भी इसमें डाटा एवं जानकारी सुरक्षित रहती है. हार्ड डिस्क secondary memory के रूप में भी जाना जाता है.

हार्ड डिस्क का आविष्कार एवं इतिहास

पहली बार हार्ड डिस्क आईबीएम कंपनी द्वारा बनाया गया था. 13 सितंबर, वर्ष 1956 को आईबीएम कंपनी द्वारा पहली बार हार्ड ड्राइव बनाया गया और उसका उत्पादन किया गया था.

इसी के साथ ही आईबीएम कंपनी द्वारा IBM 305 RAMAC नाम का सुपर कंप्यूटर बी लॉन्च किया गया था. इस सुपर कंप्यूटर में हार्ड डिस्क ड्राइव लगाई गई थी इसका वजन 1 टन से भी अधिक था और उसमें सिर्फ 5MB के डाटा को सुरक्षित और संग्रहित किया जा सकता था. इस हार्ड डिस्क ड्राइव में 50, 24 इंच के प्लेटर लगे थे, जिनका आकार दो रेफ्रिजरेटर के आकार इतना बड़ा था.

आईबीएम कंपनी द्वारा किसी भी कंप्यूटर में इस तरह की हार्ड डिस्क पहली बार लगाई गई थी. उस समय इस तरह की कंप्यूटर की मूल्य ₹60000 के करीब थी. इस तरह के कंप्यूटर का इस्तेमाल केवल गिने-चुने लोग भी करते थे. इस तरह के कंप्यूटर का ज्यादातर इस्तेमाल सेना और कुछ बड़े उद्योग कंपनी के अमीर व्यक्ति द्वारा किया जाता था.

आईबीएम कंपनी को भविष्य में इस तरह के हार्ड डिस्क की मांग और अधिक बढ़ेगी इसके बारे में पता था. यही वजह थी कि आईबीएम कंपनी ने 5MB वाले हार्ड डिस्क के बाद में इस से ऊंचे स्टोरेज वाले हार्ड डिस्क बनाने के बारे में सोचा. वर्ष 1960 के दशक में आईबीएम कंपनी द्वारा IB 1301 नाम से और एक मेनफ्रेम कंप्यूटर लांच किया गया था और जिस में हटाने योग्य प्लेटर्स इस्तेमाल किए गए थे.

इसी तरह आईबीएम अपने हार्ड डिस्क को लेकर के नए-नए प्रयोग करता गया. उसने अपने प्रयोग में हार्ड डिस्क 24 इन से 14 इंच तक कम कर दिया. इसके साथ ही कंप्यूटर की कीमत भी घटती चली गई थी. आईबीएम कंपनी ने वर्ष 1980 में पहली बार एक जीबी की हार्ड डिस्क पेश की थी और इसकी कीमत लगभग $40000 के आसपास थी.

सेगेट (Seagate) नाम की एक कंपनी ने वर्ष 1980 में पहली बार 5.25 इंच की हार्ड डिस्क पेस की जो कंप्यूटर के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर के आया. यह हार्ड डिस्क 1GB की थी. इसके साथ ही और भी कंप्यूटर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां हार्ड डिस्क बनाने में लग गई और हार्ड डिस्क का आकार और भी छोटा होता चला गया.

वर्ष 1981 में आईबीएम कंपनी ने सबसे पहले बार पीसी शब्द (Personal Computer) का इस्तेमाल किया था. इसी के साथ आईबीएम कंपनी ने वर्ष 1984 में AT नाम से पर्सनल कंप्यूटर ने बाजार में भी उतारा था. इसी के साथ ही इस कंप्यूटर में हार्ड डिस्क लगा हुआ था. हार्ड डिस्क ड्राइव सभी कम पर्सनल कंप्यूटर के साथ आने वाला एक मानक बन गया था.

Types of Hard disk drive - हार्ड डिस्क के प्रकार
Types of hard disk drive
हार्ड डिस्क ड्राइव को उसके बनाने एवं उसके तकनीकी में सुधार के साथ अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है
  • PATA (PARALLEL ADVANCED TECHNOLOGY ATTACHMENT)
  • SATA (SERIAL ADVANCED TECHNOLOGY ATTACHMENT)
  • SSD (SOLID STATE DRIVE)
  • SCSI (SMALL COMPUTER SYSTEM INTERFACE)

PATA (Parallel advanced technology attachment) – इस तरह के हार्ड डिस्क ड्राइव में इंटीग्रेटेड ड्राइव इलेक्ट्रॉनिक (IDE – integrated drive electronic) लगा हुआ होता है. यही वजह है कि इसे इस नाम से भी जाना जाता है. इसमें दो तरह के केबल लगे हुए होते हैं. मैग्नेटिज्म की मदद से यह डिस्क ड्राइव में डाटा को संग्रहित कर सकता है. इस डिस्क ड्राइव में 40 पिन और 8-bit डाटा को एक ही सेकंड में भेजा जा सकता था.

SATA (Serial advanced technology attachment) – इस तरह के हार्डडिस्क में लगाई गई केबल बहुत ही पतली और फ्लैक्सिबल होती थी. इस तरह के हार्ड डिस्क ड्राइव की कीमत भी काफी कम थी. इसे आसानी से किसी भी पर्सनल कंप्यूटर में लगाया जा सकता था. वर्तमान समय में बनाए जाने वाले कंप्यूटर और लैपटॉप में इसी तरह के हार्ड डिस्क आपको देखने को मिलते हैं. इस तरह की हार्ड डिस्क डाटा ट्रांसफर भी काफी तेज गति से होती है. इस तरह के हार्ड डिस्क में डाटा ट्रांसफर की गति 150 MB/s से लेकर के 600 MB/s कि गति से डाटा को ट्रांसफर किया जा सकता था.

SSD (Solid state drive) – इस तरह की हार्ड डिस्क की कीमत बाकी हार्ड डिस्क की कीमत से काफी ज्यादा है. हालांकि, इसकी स्टोरेज क्षमता कम होती है. लेकिन यह बाकी हार्ड डिस्क की तुलना में काफी बेहतर और ज्यादा तेज गति से डेटा को ट्रांसफर कर सकता है. इतराके हार्ड बेस में फ्लैश मेमोरी तकनीक (flash Memory technology) का उपयोग हुआ है. इस तरह के हार्ड डिस्क में मूविंग पार्ट्स नहीं होते हैं इसलिए या हार्ड डिस्क ड्राइव की तुलना में अधिक तेज गति से डेटा को ट्रांसफर कर सकता है. इस हार्ड डिस्क ड्राइव में एक मेमोरी कार्ड की तरह चीप लगा हुआ होता है. जिस वजह से डाटा को ट्रांसफर करने की या उसे कॉपी करने की स्पीड काफी तेज होती है.

SCSI (Small computer system interface) – इस तरह के हार्डडिस्क का इस्तेमाल छोटे कंप्यूटरों में किया जाता है. इस तरह के हार्ड डिस्क भी इंटीग्रेटेड ड्राइव इलेक्ट्रॉनिक्स के समान ही कार्य करते हैं. इस हार्ड डिस्क ड्राइव अधिकतम डाटा ट्रांसफर करने की गति 640 एमबी प्रति सेकेंड तक होती है. इस तरह के हार्ड डिस्क ड्राइव में एक केबल के जरिए ही 16 हार्ड डिस्क ड्राइव को जोड़ा जा सकता है.

हार्ड डिस्क ड्राइव के भाग – Parts of hard disk drive

Parts of hard disk drive - हार्ड डिस्क ड्राइव के भाग
Parts of hard disk drive
Actuator - इसकी सहायता से हार्ड डिस्क ड्राइव में मौजूद रीड राइट आर्म (read write arm) घूमता है.
Circuit Board - किसी भी हार्ड डिस्क ड्राइव में सर्किट बोर्ड लेटर से डाटा के प्रभाव को नियंत्रित कर सकता है. Read write arm के घूमने के दौरान यह डाटा को नियंत्रित करता है.
Spindle - हार्ड डिस्क ड्राइव में लगी यह एक तरह की मोटर होती है. जो प्लैटर के बीच में मौजूद होती है. इसी के सहायता से प्लैटर घूमता है.
Connector - हार्ड डिस्क ड्राइव में कनेक्टर का काम सर्किट बोर्ड तक read write and plater तक डाटा को पहुंचाना होता है.
Read write arm - यह हार्ड डिस्क ड्राइव में रीड राइट हेड का पिछला हिस्सा होता है. यह दोनों आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं. प्लैटर पर घूमते वक्त रीड राइट अर्म की सहायता से यह डाटा को ट्रांसफर करता है.
HSA - यह एक तरह से read-write arm के लिए एक पार्किंग एरिया का काम करता है.
Read write Head - यह एक छोटा सा मैग्नेट होता है जो कि रीड राइट आर्म के आगे लगा हुआ होता है. यही प्लैटर के ऊपर घूमता है और डाटा को plater पर सुरक्षित या रिकॉर्ड करता है.
Magnetic platters - किसी भी हार्ड डिस्क ड्राइव का यह एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. मैग्नेटिक plater पर ही जानकारी एवं डाटा सजों कर रखी जाती है.
Logic board - यह एक तरह का लॉजिकल चिक होता है. जो हार्ड डिस्क ड्राइव से इनपुट और आउटपुट सभी तरह की जानकारी को सुरक्षित रखी है.

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